पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा और अंतिम चरण राजनीतिक हलचल, भारी मतदान और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच संपन्न हो रहा है। शाम 5 बजे तक 89.99% मतदान दर्ज किया गया, जो संकेत देता है कि इस बार वोटिंग का आंकड़ा पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर सकता है।
West Bengal Assembly Election 2026 का यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ पूरे राज्य में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सात जिलों की 142 सीटों पर हो रहे इस मतदान में जनता का उत्साह साफ तौर पर देखने को मिला।
📊 रिकॉर्ड मतदान की ओर बढ़ता बंगाल
इस बार मतदान प्रतिशत ने सभी को चौंका दिया है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में वोटिंग होना इस बात का संकेत है कि जनता इस बार बदलाव या स्थिरता—दोनों में से किसी एक को लेकर स्पष्ट निर्णय लेना चाहती है।
📍 किन जिलों में हुई वोटिंग
दूसरे चरण में दक्षिण बंगाल के सात महत्वपूर्ण जिलों में मतदान कराया गया:
- Kolkata
- Howrah
- North 24 Parganas
- South 24 Parganas
- Hooghly
- Nadia
- Purba Bardhaman
इन सभी क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से कराना चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि यहां राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बेहद तीखी रही है।
🛡️ सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ-साथ हर संवेदनशील बूथ पर विशेष निगरानी रखी गई।
Election Commission of India ने दावा किया कि मतदान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं।
हालांकि, कुछ इलाकों से छिटपुट घटनाओं की खबरें भी सामने आईं, जिनमें फर्जी वोटिंग की कोशिश और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प शामिल हैं।
🗣️ ममता बनर्जी का आरोप
Mamata Banerjee ने मतदान के दौरान गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बल (CRPF) आम लोगों को परेशान कर रहे हैं और एक विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहे हैं।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह 1984 से चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन इस बार जितना दबाव और हिंसा देखी जा रही है, वह पहले कभी नहीं हुआ।
उनके अनुसार, कई जगहों पर पार्टी एजेंटों को बूथ से बाहर निकाल दिया गया और महिलाओं तथा बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आईं।
🎭 मिथुन चक्रवर्ती का बयान
वोटिंग के बाद Mithun Chakraborty ने भी मतदान प्रतिशत को लेकर टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि यदि मतदान प्रतिशत इतना अधिक रहता है, तो यह साफ संकेत है कि जनता बदलाव चाहती है। उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
⚠️ कुछ जगहों पर तनाव
हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ जगहों पर तनाव की स्थिति भी बनी।
- भांगड़ में ISF उम्मीदवार के पहुंचने पर नारेबाजी
- डायमंड हार्बर में फर्जी वोटिंग की कोशिश में एक व्यक्ति गिरफ्तार
- आमडांगा में चार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
ये घटनाएं बताती हैं कि चुनावी माहौल पूरी तरह से शांत नहीं था, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश की।
📈 क्या कहता है हाई वोटिंग प्रतिशत?
इतना अधिक मतदान कई संकेत देता है:
👉 जनता में राजनीतिक जागरूकता बढ़ी है
👉 लोग अपने वोट के अधिकार को लेकर गंभीर हैं
👉 सत्ता परिवर्तन या समर्थन को लेकर उत्साह है
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाई वोटिंग प्रतिशत अक्सर सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ या समर्थन में एक बड़ा संदेश होता है।
🔍 चुनाव आयोग की चुनौती
Election Commission of India के लिए यह चुनाव एक बड़ी परीक्षा की तरह रहा।
👉 निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना
👉 हिंसा को रोकना
👉 सभी पार्टियों को समान अवसर देना
इन सभी मोर्चों पर आयोग की भूमिका अहम रही है।
🧾 निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण कई मायनों में ऐतिहासिक बनता नजर आ रहा है। जहां एक तरफ रिकॉर्ड मतदान ने लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाया है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा को लेकर उठे सवाल भी चर्चा में बने हुए हैं।
अब सभी की नजर चुनाव परिणामों पर है, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की जनता ने किसे अपना समर्थन दिया है।
यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि जनता की आवाज का प्रतीक है—और इस बार वह आवाज पहले से कहीं ज्यादा बुलंद नजर आ रही है।


