सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान एक ऐसी पहल की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। आमतौर पर सार्वजनिक स्थान पर नशा करते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस बार पुलिस ने सख्ती के साथ संवेदनशीलता भी दिखाई। युवाओं को अपराधी मानने के बजाय उन्हें नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने की दिशा में कदम उठाया गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सेक्टर-27 थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के अनेजा अस्पताल के सामने स्थित खुले मैदान में कुछ युवक नशे का सेवन कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सवित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद करीब 15 से 20 युवकों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।
गिरफ्तारी नहीं, काउंसलिंग को दी प्राथमिकता
पुलिस ने युवकों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई करने के बजाय पहले उनकी स्थिति को समझने का प्रयास किया। अधिकारियों ने महसूस किया कि इनमें से कई युवक नशे की लत का शिकार हैं और उन्हें सजा से अधिक उपचार और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ सभी युवकों की काउंसलिंग की गई और उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
ओएसटी सेंटर में कराया गया इलाज
काउंसलिंग के बाद सभी युवकों को सोनीपत के सिविल अस्पताल स्थित ओएसटी (Opioid Substitution Therapy) सेंटर भेजा गया। यहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार शुरू कराया गया है। इस केंद्र में ऐसे लोगों का इलाज किया जाता है जो लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहे हैं और सामान्य जीवन में वापस लौटना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर इलाज और मनोवैज्ञानिक सहयोग मिलने से नशे की लत से बाहर निकलना काफी आसान हो सकता है।
पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, सुधार भी
पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों और अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं है। इसके साथ-साथ उन युवाओं को भी मुख्यधारा में वापस लाना जरूरी है जो किसी कारणवश नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सही समय पर उपचार और परामर्श मिल जाए तो उसका भविष्य संवर सकता है। इसलिए पुलिस कानून का पालन कराने के साथ-साथ समाज सुधार की जिम्मेदारी भी निभा रही है।
नागरिकों से मांगा सहयोग
सोनीपत पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से परेशान है या सार्वजनिक स्थानों पर नशा करता दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस का कहना है कि समाज और प्रशासन मिलकर ही नशे जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पा सकते हैं।
भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। हालांकि, जहां संभव होगा वहां केवल दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सुधारात्मक और उपचार आधारित कदमों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को नई शुरुआत का अवसर मिल सके।
निष्कर्ष
सोनीपत पुलिस की यह पहल बताती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को अपराधी नहीं, बल्कि उपचार और सहयोग की आवश्यकता वाले नागरिक मानकर उन्हें नया जीवन देने का प्रयास समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। यदि इस तरह की पहल अन्य जिलों में भी अपनाई जाए तो नशा मुक्ति अभियान को नई दिशा मिल सकती है।


