Greater Noida West के रोजा जलालपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ग्राहक ने 11 मार्च को Bharat Gas का सिलेंडर बुक किया, जिसका ऑर्डर नंबर 123717 बताया जा रहा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 14 मार्च को ग्राहक के मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ गया, जबकि वास्तव में सिलेंडर उसके घर तक पहुंचा ही नहीं।
ग्राहक का आरोप है कि बिना सिलेंडर दिए ही सिस्टम में डिलीवरी दिखा दी गई। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में नाराज़गी है और वे गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उन्होंने सिलेंडर लिया ही नहीं, तो फिर सिस्टम में डिलीवरी कैसे दर्ज हो गई।
अब इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन और गैस एजेंसी से जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में इन दिनों रसोई गैस को लेकर लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। कई इलाकों के लोगों का आरोप है कि उन्होंने गैस सिलेंडर की बुकिंग तो समय पर कर दी, लेकिन उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। हैरानी की बात यह है कि कई उपभोक्ताओं को मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज भी मिल चुका है, जबकि असल में उनके घर तक सिलेंडर पहुंचा ही नहीं।
इसी समस्या को लेकर शुक्रवार को नोएडा सेक्टर-4 के कई लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गैस एजेंसियों की लापरवाही के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराज़गी जताई।
प्रदर्शन में शामिल कई लोग आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर हैं, जो उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों, बिहार और दिल्ली से आकर नोएडा में रह रहे हैं। उनका कहना है कि गैस की कमी के कारण घर में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है।
सेक्टर-12 में रहने वाले अशोक शर्मा ने बताया कि उनका सिलेंडर चार दिन पहले ही आ जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक उन्हें डिलीवरी नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उन्होंने सिलेंडर नहीं लिया, तो फिर सिस्टम में डिलीवरी कैसे दिखा दी गई।
हालांकि गैस एजेंसी की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। एजेंसी के प्रबंधक संजीव शर्मा का कहना है कि जिन लोगों ने सिलेंडर बुक किया है, उन्हें जल्द ही डिलीवरी मिल जाएगी और इलाके में गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।
इसके बावजूद एजेंसी के बाहर सिलेंडर लेने वालों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। एक महिला रानी कुमारी ने अपनी बुकिंग स्लिप दिखाते हुए बताया कि वह सुबह जल्दी ही सिलेंडर लेने पहुंच गई थीं। उन्हें बताया गया था कि सुबह साढ़े सात बजे गाड़ी आ जाएगी, लेकिन दोपहर 12:30 बजे तक गैस की गाड़ी नहीं पहुंची।
गैस की इस समस्या के कारण इलाके के लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करेगा।


गैस एजेंसियों और गैस कंपनियों पर सरकार का कोई सख्त नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है। कई जगहों पर बिना सिलेंडर दिए ही डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जाता है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों का आरोप है कि इस तरह गैस एजेंसियां और कंपनियां देश के उपभोक्ताओं के साथ लूट जैसा व्यवहार कर रही हैं और इस पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।