लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने वर्ष 2012 में बनी सपा सरकार का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल को लेकर गंभीर आरोप लगाए तथा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर साधा निशाना
ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2012 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने थे और उस दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई। उन्होंने दावा किया कि सत्ता परिवर्तन के बाद कई स्थानों पर हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आई थीं, जिनका असर प्रदेश की सामाजिक व्यवस्था पर पड़ा।
राजभर ने कहा कि जनता को पिछली सरकारों के कार्यकाल का मूल्यांकन करते हुए भविष्य का फैसला करना चाहिए।
2012 की घटनाओं का किया जिक्र
अपने बयान में ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ समय बाद प्रदेश के कई जिलों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने कहा कि उस समय कई पिछड़े और दलित समुदायों के गांव प्रभावित हुए थे और स्थानीय प्रशासन हालात संभालने में संघर्ष करता नजर आया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसकी याद आज भी लोगों के मन में मौजूद है।
2027 चुनाव को लेकर जनता से की अपील
राजभर ने अपने बयान में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को मतदान से पहले पूर्व सरकारों के कार्यकाल और वर्तमान परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए। उनका कहना था कि प्रदेश में शांति, विकास और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने वाली सरकार का चयन जरूरी है।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज होता जा रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष लगातार एक-दूसरे की नीतियों, पिछले कार्यकाल और उपलब्धियों को लेकर जनता के सामने अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में चुनावी माहौल और गर्म होने के साथ ऐसे राजनीतिक बयान और अधिक देखने को मिल सकते हैं।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य होने के कारण यहां का हर बड़ा बयान राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालता है। ऐसे में ओपी राजभर का यह बयान भी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और यह बयान आगामी चुनावी समीकरणों को किस तरह प्रभावित करता है।
नोट: यह समाचार संबंधित नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। लगाए गए आरोप राजनीतिक दावों का हिस्सा हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।


