श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगी SIT रिपोर्ट, ट्रस्ट को भी भेजा नोटिस : अयोध्या। श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले ने अब न्यायिक स्तर पर नया मोड़ ले लिया है। सोमवार को इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को विशेष जांच दल (SIT) की अब तक की जांच पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी कर उसका पक्ष मांगा गया है। अदालत के इस फैसले के बाद मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिक गई हैं।
SIT गठन और जांच की जानकारी मांगी
सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने स्पष्ट किया कि चूंकि मामले की जांच के लिए पहले ही विशेष जांच दल का गठन किया जा चुका है, इसलिए राज्य सरकार को यह बताना होगा कि अब तक जांच में क्या प्रगति हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रस्तुत की जाने वाली स्टेटस रिपोर्ट में केवल जांच की स्थिति ही नहीं, बल्कि एसआईटी के गठन, उसके सदस्यों के नाम, उनकी भूमिका और जांच की प्रक्रिया का पूरा विवरण भी शामिल होना चाहिए।
सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर हुई थी याचिका
इस मामले में दायर याचिका में याचिकाकर्ताओं ने आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की थी। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया था कि पूरी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह के विवाद की संभावना समाप्त हो।
हालांकि फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है और पहले राज्य सरकार से SIT की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
ट्रस्ट को नोटिस जारी करने पर हुई बहस
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए जाने का विरोध किया। उनका कहना था कि फिलहाल जांच चल रही है और इस स्तर पर ट्रस्ट को नोटिस देने की आवश्यकता नहीं है।
इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने इस आपत्ति को स्वीकार नहीं किया और ट्रस्ट को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत का मानना था कि मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट देने की बात
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि जांच से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी। सरकार का तर्क था कि जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए रिपोर्ट सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की कि उन्हें भी रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई जाए ताकि वे जांच की प्रगति से अवगत हो सकें।
मुख्य न्यायाधीश की महत्वपूर्ण टिप्पणी
याचिकाकर्ताओं की मांग पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि कानून की प्रक्रिया के अनुसार अंततः संबंधित पक्षों को रिपोर्ट देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह कानून के अनुरूप चलेगी और सभी पक्षों के अधिकारों का ध्यान रखा जाएगा।
यह टिप्पणी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि अदालत पारदर्शिता और निष्पक्षता दोनों को समान महत्व दे रही है।
अगले सोमवार होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा पर निर्णय ले सकती है।
मामले पर बनी हुई है सभी की नजर
श्रीराम मंदिर देश की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में उससे जुड़े किसी भी मामले पर आम लोगों, धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों की विशेष नजर रहती है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही इस सुनवाई को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश की जाने वाली SIT रिपोर्ट और अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी, जिससे इस मामले की जांच को नई दिशा मिल सकती है।


