ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट इन दिनों बेहद संवेदनशील बन चुका है। ऐसे माहौल में इस रास्ते से गुजरने वाले कई जहाज अब एक नई रणनीति अपनाते दिखाई दे रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र से गुजर रहे कुछ जहाज अपने सिस्टम में यह संदेश प्रसारित कर रहे हैं कि उनमें भारतीय क्रू मौजूद है। माना जा रहा है कि ऐसा कदम संभावित हमलों से बचने के लिए उठाया जा रहा है। शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के डेटा के अनुसार कम से कम सात जहाजों ने अपने पहचान संदेशों में “All Indian Crew”, “Indian Onboard” या “All Indian Onboard” जैसे शब्द शामिल किए हैं।
समुद्री ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म MarineTraffic और VesselFinder के डेटा के विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई है। दरअसल होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और व्यापारिक माल गुजरता है, इसलिए युद्ध जैसे हालात में यहां सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है।
जहाजों को कैसे ट्रैक किया जाता है?
समुद्र में जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए AIS (Automatic Identification System) का उपयोग किया जाता है। यह एक GPS आधारित तकनीक है, जो जहाज की लोकेशन, रूट और गंतव्य जैसी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रसारित करती है। सामान्य तौर पर जहाज इसमें अपने अगले बंदरगाह का नाम दर्ज करते हैं, ताकि समुद्री यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
हालांकि मौजूदा हालात में कुछ जहाज इस सिस्टम का इस्तेमाल अपने क्रू की पहचान बताने के लिए भी कर रहे हैं, जिससे संभावित हमलों से बचा जा सके।
भारतीय जहाज भी गुजर रहे इस मार्ग से
विश्लेषण में यह भी सामने आया कि कम से कम चार भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज और एक भारत की ओर जा रहा जहाज हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते दिखाई दिए। हालांकि भारत सरकार ने इन रिपोर्ट्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री से कई बार बातचीत की है। इन चर्चाओं में जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की मांग
ईरान की तरफ से भी इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर सख्त रुख सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना दुश्मनों पर दबाव बनाने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है।
वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना के कमांडर Alireza Tangsiri ने भी संकेत दिए हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अब ईरानी नौसेना से पहले अनुमति लेनी पड़ सकती है।
पहले भी अपनाई जा चुकी है ऐसी रणनीति
यह पहली बार नहीं है जब जहाजों ने अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी बदलकर सुरक्षा पाने की कोशिश की हो। इससे पहले लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों के दौरान भी कई जहाजों ने अपने संदेशों में चीन से जुड़े संकेत दिखाए थे ताकि हमलों का खतरा कम किया जा सके।
अब इसी तरह की रणनीति होर्मुज स्ट्रेट में भारत से जुड़े संदेशों के साथ दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में अब तक करीब 19 व्यापारिक जहाज किसी न किसी तरह के हमले या नुकसान का शिकार हो चुके हैं।
इस बीच Shenlong, Pushpak और Parimal जैसे भारत से जुड़े जहाज इस संवेदनशील मार्ग से सुरक्षित गुजरने में सफल रहे हैं। इनमें से Shenlong हाल ही में मुंबई बंदरगाह पहुंच चुका है। बताया जाता है कि यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए इस जहाज ने “डार्क मोड” अपनाया था, यानी उसने अपनी ट्रैकिंग जानकारी अस्थायी रूप से बंद कर दी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति के कारण खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार पर जोखिम अभी भी बना हुआ है। ऐसे में जहाजों को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनानी पड़ रही हैं।

