TNF- 13 June 2025, 14:40 अहमदाबाद -एयर इंडिया हेल्पलाइन नंबर – 18005691444 .
पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अस्पताल में विमान हादसे में घायल लोगों का हलचल पूछा । इस विमान हादसे में अकेले जिंदा बचे यात्री रमेश विश्वास कुमार से भी मुलाकात की। विश्वास ने कहा कि मैं विमान से कूदा नहीं था बल्कि सीट समेत इमर्जेन्सी गेट से बाहर आ गया था।
इस फ्लाइट में 242 लोग सवार थे, जिसमें 241 लोगों की मौत हो गई है। लंदन जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट ने करीब दोपहर में 1.38 बजे उड़ान भरी। टेक ऑफ के कुछ सेकेंड के बाद ही विमान बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकरा गया।
हादसे के कुछ घंटों के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें देखा गया कि खून से लथपथ विश्वास कुमार एंबुलेंस की ओर जा रहे हैं।
विश्वाश कुमार रमेश 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक हैं, जो भारत में अपने परिवार से मिलने आए थे। वे अपने भाई अजय कुमार रमेश (45) के साथ यूके लौट रहे थे। विश्वाश 11A में बैठे थे, जबकि उनके भाई विमान में अलग पंक्ति में बैठे थे।
हादसे को लेकर विश्वास ने क्या कहा?
विश्वाश ने बताया, उड़ान भरने के तीस सेकंड बाद एक तेज आवाज हुई और फिर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह सब बहुत तेजी से हुआ। हादसे के बाद जब मुझे होश आया तो मैंने देखा कि मेरे चारों तरफ लाशें पड़ी थीं। मैं डर गया। मैं खड़ा हुआ और भागा। मेरे चारों तरफ विमान के टुकड़े पड़े थे। किसी ने मुझे पकड़ लिया और एम्बुलेंस में डालकर अस्पताल ले गया।”

Image Source – ANI


12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन के लिए रवाना हुई Air India Flight AI171 (Boeing 787‑8 Dreamliner) टेक‑ऑफ के कुछ ही मिनटों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा Meghani Nagar के पास रहने वाले क्षेत्र में हुआ, जिससे विमान और आसपास के इलाके में भीषण आग फैल गई। उड़ान पर कुल 242 लोग सवार थे, लेकिन इस भयंकर दुर्घटना में केवल एक यात्री ही सुरक्षित बच पाया, जबकि बाकी सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मृत्यु हो गई।
इस हादसे के बाद DGCA ने Dreamliner विमानों की विशेष सुरक्षा जांच का आदेश दिया है, ताकि संभावित तकनीकी खामियों और प्रक्रियागत दोषों की पहचान की जा सके। साथ ही, ब्रिटेन में मृतकों के परिवारों ने कानूनी कार्रवाई (lawsuit) शुरू की है, जिससे इस घटना से जुड़े मामलों की पड़ताल की जा सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
यह हादसा भारतीय नागरिक उड्डयन के इतिहास में सबसे गंभीर दुर्घटनाओं में गिना जा रहा है। इसने न केवल यात्रियों और उनके परिवारों के जीवन पर गहरा असर डाला है, बल्कि पूरे देश में हवाई सुरक्षा मानकों, आपातकालीन तैयारी और उड़ान प्रक्रियाओं पर नई बहस और समीक्षा की शुरुआत भी कर दी है।