बीजिंग / शिनजियांग | अंतरराष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट
चीन ने आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। देश के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे सुरंग को आधिकारिक रूप से यातायात के लिए खोल दिया गया है। इस सुरंग के शुरू होने से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रणनीतिक परिवहन को भी नई गति मिलेगी।
यह परियोजना चीन के महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यक्रम का हिस्सा मानी जा रही है।

कितनी लंबी है यह सुरंग?
यह एक्सप्रेसवे सुरंग कई दर्जन किलोमीटर लंबी है और इसे दुनिया की सबसे लंबी हाईवे सुरंगों में गिना जा रहा है। यह सुरंग दुर्गम पर्वतीय इलाकों से होकर गुजरती है, जहां पहले यात्रा करना बेहद कठिन और समय-साध्य था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सुरंग के निर्माण में:
- अत्याधुनिक टनल बोरिंग तकनीक
- भूकंप-रोधी संरचना
- हाई-लेवल सुरक्षा सिस्टम
का इस्तेमाल किया गया है।
शिनजियांग के लिए क्यों है यह परियोजना अहम?
शिनजियांग चीन का एक विशाल लेकिन भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है। पहाड़, रेगिस्तान और अत्यधिक मौसम के कारण यहां सड़क संपर्क हमेशा से एक बड़ी समस्या रहा है।
🔹 1. यात्रा समय में भारी कमी
इस सुरंग के चालू होने से कई शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच यात्रा समय कई घंटों तक कम हो जाएगा।
🔹 2. व्यापार और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा
तेज और सुरक्षित परिवहन से:
- माल ढुलाई आसान होगी
- सप्लाई चेन मजबूत होगी
- क्षेत्रीय व्यापार को फायदा मिलेगा
🔹 3. पर्यटन को नई रफ्तार
बेहतर सड़क संपर्क से शिनजियांग के प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
सुरक्षा और तकनीक की खासियत
इस एक्सप्रेसवे सुरंग में:
✔️ रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम
✔️ हाई-स्पीड वेंटिलेशन
✔️ आपातकालीन निकासी मार्ग
✔️ स्मार्ट लाइटिंग और फायर सेफ्टी सिस्टम
जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे हर मौसम में सुरक्षित यात्रा संभव हो सके।
चीन की इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति का हिस्सा
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुरंग सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह:
- पश्चिमी चीन के विकास
- बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI)
- क्षेत्रीय आर्थिक संतुलन
को मजबूत करने की रणनीति का भी हिस्सा है।
वैश्विक स्तर पर क्या है इसका महत्व?
दुनिया भर में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि शिनजियांग की यह सुरंग:
- इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रदर्शन है
- कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में निर्माण की मिसाल है
- अन्य देशों के लिए तकनीकी उदाहरण बन सकती है
निष्कर्ष
शिनजियांग में दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे सुरंग का यातायात के लिए खुलना चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर आधुनिक इंजीनियरिंग की नई परिभाषा भी गढ़ी जाएगी।


चीन के तियानशान शेंगली सुरंग का उद्घाटन, जो अब दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे सुरंग के रूप में दर्ज है और जिसकी लंबाई 22 किलोमीटर से भी अधिक है, इंजीनियरिंग की एक अद्भुत उपलब्धि और तेज़ी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास का प्रतीक है। इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है वह कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ और कठोर मौसम, जिनका सामना इस परियोजना के दौरान इंजीनियरों और श्रमिकों को करना पड़ा। ऊँचाई, कठोर पर्वतीय भू‑विज्ञान और बेहद ठंड जैसे चुनौतीपूर्ण तत्व इस परियोजना का हिस्सा रहे, लेकिन इन सभी कठिनाइयों को पार कर यह सुरंग बनकर तैयार हुई।