Skip to content
The News Flash 24*7 | Daily Update for You | News for Local, India  and world
Menu
  • Home
  • About Us
    • Terms & Conditions
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
  • India
  • World
  • Lifestyle
  • Tech
  • Entertainment
  • Sports
  • IPL 26
  • Contact Us
Menu
family-choosing-car-car-showroom

कार की चाहत बना रही मिडिल क्लास को कंगाल, कैसे फंस जाते हैं लोग ?

Posted on June 18, 2025

मुंबई के फाइनेंसियल एक्सपर्ट मोनिश गोसर ने मध्यम वर्ग को अपने वित्तीय संकट के लिए स्यंव को ही ज‍िम्‍मेदार बताया है। मि. गोसर का कहना है कि लोग क्रेडिट को आराम और स्टेटस को जरूरत समझने लगे हैं। गोसर के मुताबिक , दिखावे और गलत आदतों के कारण लोग खुद को कर्ज में डूबा रहे हैं। मिडिल क्लास के बीच क्रेडिट कार्ड का कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है।

गोसर के मुताबिक लोग 10 लाख रुपये की कार को कड़ी मेहनत का फल मानते हैं जो की पूरी तरह गलत है। गोसर ने मध्यम वर्ग की मानसिकता पर प्रश्नचिन्ह लगाया है, जो क्रेडिट को अपने आराम और स्टेटस को अपनी जरूरत समझता है। गोसर के मुताबिक , असली प्रॉब्लम महंगाई या टैक्स नहीं, बल्कि लोगों की यह सोच है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोग अपनी वित्तीय स्थिति के लिए खुद ही जिम्मेदार हैं।

गोसर आगे बताते है कि भारत का मध्यम वर्ग अपनी वित्तीय प्रॉब्लम का जिम्मेदार में खुद ही है। उन्होंने अपने एक पुराने दोस्त का उदाहरण दिया जो करीब 15 लाख रुपये सालाना कमाता है । उसने एक नई कार खरीदी, जबकि वह पुरानी कार भी खरीद सकता था। मेरे मित्र ने कहा, ‘मैं इसे डिजर्व करता हूं।’ गोसर ने इस पर जवाब दिया, ‘इसी तरह सिस्टम जीतता है।’

द‍िखावे की चाह में कर्ज में डूब जाते हैं लोग –
गोसर की मुताबिक भारतीय पेशेवर लोग बढ़ती लागत से परेशान नहीं हैं, वे अपनी आदतों, जैसे कि बिना सोचे-विचारे खर्च करना, दिखावे पर ज्यादा ध्यान देना और जरूरत और शौक के बीच अंतर न कर पाने के कारण लोग कर्ज में डूबते जाते हैं। गोसर लिखते हैं, ‘हमने चाहतों को जरूरत समझ लिया। हमने इंस्टाग्राम , फेसबुक को अपने वित्तीय लक्ष्य तय करने दिए। हमने भावनाओं में बहकर गलत फैसले लिए। और अपने वित्तीय गणित को नजरअंदाज किआ ।

भारत में क्रेडिट कार्ड कर्ज सिर्फ 4 सालों में 2.92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पर्सनल लोन में भी 75% की बढ़ोतरी हुई है। गोसर का कहना है कि किसी दूसरे ने लोगों को कर्ज लेने के लिए मजबूर नहीं किया। वह लिखते हैं, ‘बैंकों ने हमें फंसाया नहीं। उन्होंने रस्सी दी। हमने गांठ बांध दी।’ दूसरे आसान शब्दों में कहें तो बैंकों ने कर्ज के तौर पर हमें रस्सी का फंदा दिया। हमने उसे गले में खुद कस लिया।

Related Posts

  • हांगकांग में भीषण त्रासदी: आग की लपटों ने शहर को दहला दिया

    हांगकांग में बीते 26 नवंबर 2025 को हुई भीषण आग ने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया। ऊँची इमारतों के लिए मशहूर इस महानगर की एक आवासीय बिल्डिंग में…

  • 🔴 अरावली विरोध : क्यों सड़कों पर उतरे लोग ? जानिए पूरा मामला, लोकेशन और इसके महत्व को

    नई दिल्ली/हरियाणा/राजस्थान।देश की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली (Aravali Range) आज एक बार फिर चर्चा में है। हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में खनन, अवैध…

  • 🌿 अरावली पहाड़ियों को बचाने में आम नागरिक की भूमिका: विरोध के अलावा क्या कर सकते हैं लोग?

    नई दिल्ली/एनसीआर।देश की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में शामिल अरावली पहाड़ियाँ (Aravali Hills) आज गंभीर संकट से गुजर रही हैं। अवैध खनन, जंगलों की कटाई और अनियंत्रित निर्माण ने अरावली…

1 thought on “कार की चाहत बना रही मिडिल क्लास को कंगाल, कैसे फंस जाते हैं लोग ?”

  1. admin says:
    January 13, 2026 at 11:31 am

    आजकल कई middle class परिवार कार खरीदना सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि status symbol मानने लगे हैं, लेकिन यह चाहत अक्सर उनके बजट पर भारी पड़ जाती है। कार केवल एक साधन नहीं, बल्कि एक लंबी अवधि की वित्तीय जिम्मेदारी बन जाती है — EMI, insurance, मेंटेनेंस और ईंधन जैसे खर्च मिलाकर मासिक बजट पर भारी बोझ डालते हैं। कई परिवार अपनी असली जरूरतों को पीछे छोड़कर सिर्फ दिखावे के लिए गाड़ी खरीद लेते हैं, जिससे वे कर्ज़ के जाल में फँस जाते हैं और उनकी बचत कम होने लगती है। यह साफ़ दर्शाता है कि flashy lifestyle की लालसा अक्सर आर्थिक स्थिरता को कमजोर कर देती है और परिवारों को वित्तीय तनाव में डाल देती है।

    Log in to Reply

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Recent Posts

  • Satluj Movie: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ने फिर जगाई पंजाब के 90 के दशक की यादें, जानिए पूरी कहानी July 23, 2026
  • FIFA World Cup 2026 Prize Money: स्पेन बना दुनिया का नया बादशाह, चैंपियन बनते ही बरसे करोड़ों डॉलर, अर्जेंटीना को भी मिला बड़ा इनाम July 21, 2026
  • सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान: दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन और रॉयल बंगाल टाइगर का घर July 17, 2026
  • FIFA World Cup का बढ़ता असर: व्हाट्सएप कम्युनिटी के जरिए भारत में फिर लौट रहा फुटबॉल का जुनून July 17, 2026
  • मानसून में संक्रमण से रहना है सुरक्षित? रोजाना डाइट में शामिल करें विटामिन C से भरपूर ये सुपरफूड्स July 17, 2026
  • ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा रोकने वाले ऐप्स पर केंद्र सरकार की सख्ती July 17, 2026
  • भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द दौड़ेगी पटरियों पर, जींद-सोनीपत रेलखंड से शुरू होगा ऐतिहासिक ट्रायल July 17, 2026
  • इंदौर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन से लगाई गुहार July 16, 2026
  • वाराणसी में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते GST अधिकारी गिरफ्तार, जांच तेज July 16, 2026
  • आमिर खान की तीसरी शादी पर धार्मिक बहस तेज, मुफ्ती के बयान से छिड़ी नई चर्चा July 15, 2026
  • ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- ‘2012 की सरकार जैसी स्थिति दोबारा नहीं चाहिए’ July 15, 2026
  • सोनीपत पुलिस की अनोखी पहल: नशा करते मिले 20 युवकों को जेल नहीं, इलाज के लिए भेजा ओएसटी सेंटर July 14, 2026
  • अंकित शर्मा हत्या मामला: ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार, 6 आरोपी सबूतों के अभाव में बरी July 14, 2026
  • ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली भारत की सैन्य रणनीति, ₹10 लाख करोड़ की रक्षा योजनाओं से लंबी जंग की तैयारी तेज July 14, 2026
  • अपोलो अस्पताल पर बढ़ा दबाव: केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने जेपी नड्डा से की शिकायत July 13, 2026
WAVES-2025
WAVES-2025

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer
0037032
Visit Today : 157
  • World
  • India
  • Russia
  • USA
  • Israel
  • Iran
  • China
  • Lifestyle
  • Unesco Heritage
  • Tech
  • Sports
  • Entertainment
  • Desi Gyan
  • Career
  • Bal Kahaniya
©2026 The News Flash 24*7 | Daily Update for You | News for Local, India and world